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विश्वकर्मा पूजा पर अयोध्या प्रसाद विश्वकर्मा ITI में दिखा कौशल, तकनीकी शिक्षा और संस्कार का संगम

पूजा-अर्चना के साथ विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और हुनर के निरंतर विकास का दिया संदेश

उरई। भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर अयोध्या प्रसाद विश्वकर्मा ITI, अकौड़ी दुबे, जालौन में श्रद्धा, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास का अनूठा संगम देखने को मिला। संस्थान में भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम में संस्थान के पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की।

तकनीक, निर्माण, शिल्प और कारीगरी के प्रतीक भगवान विश्वकर्मा की जयंती तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए विशेष महत्व रखती है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को अपने हुनर को निखारने, नियमित अभ्यास करने और तकनीकी ज्ञान को व्यावहारिक रूप देने के लिए प्रेरित किया गया।

मेहनत, हुनर और निर्माण की शक्ति का सम्मान –
संस्थान के संरक्षक लल्लूराम विश्वकर्मा ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि मेहनत, तकनीकी ज्ञान, हुनर और निर्माण की शक्ति को सम्मान देने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि ITI के विद्यार्थियों के लिए यह दिन अपने हाथों से कुछ नया सीखने और बनाने तथा अपने कौशल को लगातार बेहतर करने की प्रेरणा देता है।

प्रबंधक डॉ. मयंक कुमार ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि हुनर और तकनीकी दक्षता विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Electrician और Fitter ट्रेड में व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर –
इंस्ट्रक्टर नीरज कुमार ने बताया कि Electrician ट्रेड में विद्यार्थियों को विद्युत उपकरणों, वायरिंग, सुरक्षा मानकों और विद्युत संबंधी विभिन्न व्यावहारिक कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे विद्यार्थियों को तकनीकी कार्यों की बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिलती है।

वहीं इंस्ट्रक्टर मदन मुरारी ने बताया कि Fitter ट्रेड में माप, फिटिंग, टूल्स के सुरक्षित एवं उचित प्रयोग तथा मशीनों से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक कार्यों की जानकारी विद्यार्थियों को दी जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अभ्यास और अनुशासन के साथ अपने ट्रेड की बारीकियां सीखने का आह्वान किया।

तकनीकी शिक्षा के साथ Employability Skills पर भी फोकस –
इंस्ट्रक्टर सरिता ने बताया कि वर्तमान समय में रोजगार के लिए केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों में संवाद कौशल, टीमवर्क, समय प्रबंधन, कार्यस्थल का व्यवहार और समस्या समाधान जैसी क्षमताओं का विकास भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से संस्थान में तकनीकी प्रशिक्षण के साथ Employability Skills पर भी ध्यान दिया जाता है, ताकि विद्यार्थी रोजगार और अप्रेंटिसशिप के अवसरों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।

विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र –
उप प्रबंधक डॉ. प्रियंक कुमार ने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपने ट्रेड की बारीकियों को समझने, नियमित अभ्यास करने और बदलती तकनीक के साथ अपने कौशल को लगातार विकसित करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा-

“हाथों में हुनर हो, मन में आत्मविश्वास हो और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सफलता की राह मजबूत होती है।”

शशांक कुमार ने बताया कि अयोध्या प्रसाद विश्वकर्मा ITI का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ ऐसा व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराना है, जिससे वे आगे की पढ़ाई, अप्रेंटिसशिप और रोजगार के अवसरों के लिए स्वयं को बेहतर तरीके से तैयार कर सकें। विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया गया कि कौशल का वास्तविक सम्मान तभी है, जब उसका उपयोग मेहनत, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और हुनर को निरंतर विकसित करने की प्रेरणा दी।

ये रहे मौजूद –
इस अवसर पर उप प्रबंधक डॉ. प्रियंक कुमार, इंस्ट्रक्टर सरिता, सैलजा, काजल, नीरज कुशवाहा, मदन मुरारी, शशांक कुमार, लक्ष्मी द्विवेदी, अनुष्का सिंह, जीशान, हरिश्चंद्र, संतराम और गजेंद्र विश्वकर्मा सहित संस्थान के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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