डमी प्रत्याशी के आरोप से गरमाई स्नातक चुनाव की सियासत, डॉ. मान सिंह यादव ने भाजपा को घेरा
शिक्षक-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याएं, रोजगार और पेपर लीक के मुद्दे भी उठाए

उरई। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को इकलासपुरा रोड स्थित समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में सपा प्रत्याशी एवं निवर्तमान एमएलसी डॉ० मानसिंह यादव ने भाजपा प्रत्याशी पर निशाना साधते हुए कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके नाम से मिलते-जुलते नाम वाले एक प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारकर मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।

डॉ० मानसिंह यादव ने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और इसमें मुकाबला नीतियों, कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नाम की समानता के माध्यम से मतदाताओं के बीच गलतफहमी पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने तथा मतदाताओं को प्रत्याशियों के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की आवश्यकता जताई। इसके अलावा डॉ० मानसिंह यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य वर्ग अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि शिक्षित युवाओं और विभिन्न विभागों में रोजगार की तलाश कर रहे लोगों के हितों को भी प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्तियों को लेकर पार्टी की नीतियों के अनुरूप काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक प्राथमिकता मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने भाजपा प्रत्याशी पर भी कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके सामने पेपर लीक सहित कई सवाल खड़े हैं।
सपा प्रत्याशी ने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा की ओर से वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा सकता है, लेकिन मतदाता अपने हितों और क्षेत्र की समस्याओं को ध्यान में रखकर निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का यह चुनाव शिक्षित वर्ग की समस्याओं और उनके प्रतिनिधित्व से भी जुड़ा है। इसलिए चुनाव में रोजगार, शिक्षा, युवाओं का भविष्य और शिक्षक एवं स्नातक वर्ग से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने अपने पूर्व एमएलसी कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सदन में शिक्षकों और स्नातक वर्ग से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया तथा उनके समाधान के लिए प्रयास किए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य क्षेत्र के शिक्षित वर्ग की समस्याओं को लगातार सदन तक पहुंचाना रहा है। डॉ. यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव का भी जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पार्टी की दिशा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने स्नातक एवं शिक्षक मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव में मुद्दों और कार्यों के आधार पर अपना निर्णय लें। प्रेस वार्ता के दौरान सपा के जिला पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं अन्य पार्टी नेता मौजूद रहे।



