NHM कर्मियों की लंबित मांगों को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
NHM कर्मियों की 5 बड़ी मांगें, 18 हजार न्यूनतम वेतन समेत नियमितीकरण की मांग

उरई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों के समाधान को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से जिलाधिकारी जालौन को ज्ञापन सौंपा गया। समिति ने मांगों को शासन स्तर तक प्रभावी ढंग से भेजकर समयबद्ध समाधान कराने की मांग की है।

NHM के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि लंबे समय से उनकी विभिन्न समस्याओं और मांगों का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है।
NHM कर्मियों की प्रमुख मांगें –
– संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रमुख रूप से NHM कर्मियों के लिए न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन निर्धारित करने की मांग की है। साथ ही कार्यावधि, अनुभव एवं वरिष्ठता के आधार पर पारदर्शी वेतन निर्धारण और वेतन वृद्धि की नीति लागू करने की मांग की गई है।
– दूसरी प्रमुख मांग में लंबे समय से कार्यरत NHM कर्मियों को राज्य आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था में सम्मिलित करते हुए नियमित किए जाने की बात कही गई है। ज्ञापन में वर्ष 2011 में दीर्घकालीन NHM कर्मियों के नियमितीकरण तथा वर्ष 2018 में CHO को छह वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर नियमित किए जाने संबंधी सुझाव/निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की मांग की गई है।
– इसके अलावा NHM के रिक्त पदों को शीघ्र भरने और कर्मचारियों के लिए रिक्त पदों पर स्थानांतरण नीति लागू करने, सभी NHM कर्मियों को EPF, ESI, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा सहित आवश्यक सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाने की मांग उठाई गई है।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के समायोजन की मांग –
समिति ने NHM में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के समायोजन अथवा प्रस्तावित आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से नियुक्ति कर निगम के लाभ उपलब्ध कराने की मांग भी की है।
आंदोलन की रूपरेखा भी तय –
उक्त मांगों के समाधान के लिए संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा चरणबद्ध कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। 29 एवं 30 सितंबर को जनपद स्तर पर ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद 1 अक्टूबर से डिजिटल स्ट्राइक एवं काला फीता बांधकर कार्य करने, 5, 6 एवं 7 अक्टूबर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन तथा 8 अक्टूबर को लखनऊ में एकत्रीकरण का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है।
संघर्ष समिति ने जिलाधिकारी से मांगों को शासन स्तर तक प्रभावी रूप से भेजते हुए समयबद्ध समाधान कराने का अनुरोध किया है। समिति का कहना है कि मांगों का समाधान होने से कर्मचारियों में व्याप्त असंतोष समाप्त होगा और स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहेंगी।



