नवागंतुक डीएम ने अधिकारियों संग की बैठक, ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों को लेकर दिए निर्देश
17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’

उरई। नवागंतुक जिलाधिकारी समीर ने विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर शासन की प्राथमिकताओं और आगामी ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के सभी कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और अधिक से अधिक जनभागीदारी कराने के निर्देश दिए।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान –
जिलाधिकारी ने बताया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य 25 वर्षों की जनसेवा की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ नागरिकों को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प से जोड़ना है।
अभियान में 12 प्रमुख कार्यक्रम, त्रिस्तरीय समन्वय व्यवस्था, साप्ताहिक समीक्षा तथा डेटा संकलन एवं डिजिटलाइजेशन पर विशेष जोर दिया जाएगा।
दीप प्रज्वलन से लेकर रक्तदान तक होंगे कार्यक्रम –
कार्ययोजना के अनुसार ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत 17 सितंबर को शाम 7 बजे दीप प्रज्वलन, रक्तदान और दिव्यांगजन कल्याण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम में कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला और कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। उच्च शिक्षण संस्थानों में डिबेट और प्रदर्शनी भी प्रस्तावित है।
गांव-गांव पहुंचेंगी सेवा और विकास की कहानियां –
‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के तहत 18-20 कलाकारों की टोलियां गांव-गांव जाकर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सेवा एवं विकास की कहानी लोगों तक पहुंचाएंगी। वहीं ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय कार्यक्रम होंगे। इनमें कार्यकत्रियों, आशा दीदियों और उत्कृष्ट माताओं का सम्मान, स्वस्थ बेबी प्रतियोगिता तथा पोषण सामग्री का वितरण किया जाएगा।
60 सेकंड की रील से सामने आएंगी लाभार्थियों की कहानियां –
‘सेवा की कहानी’ कार्यक्रम के तहत सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों के जीवन में आए बदलावों पर 60 सेकंड की रील तैयार की जाएंगी। डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स को परिवर्तनकारी परियोजनाओं का भ्रमण भी कराया जाएगा। ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के माध्यम से जल, जन और सेवा का संवाद स्थापित किया जाएगा। वहीं ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, शिक्षा, जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, नशामुक्ति, पोषण, वोकल फॉर लोकल और गौशाला सेवा सहित 25 सेवा गतिविधियों में जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में न्यूनतम दो स्थलों के कायाकल्प और 25 मिनट श्रमदान का भी प्रावधान किया गया है।
युवाओं और विद्यार्थियों के लिए इनोवेशन चैलेंज –
‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ के तहत भारत मंडल और मानव रंगोली जैसे कार्यक्रम होंगे। ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में युवाओं, विद्यार्थियों और स्टार्टअप को राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने की योजना है। वहीं ‘सुशासन सेवा संवाद’ में जनप्रतिनिधियों द्वारा विकसित भारत-2047 का संकल्प और वंदे मातरम् गायन प्रस्तावित है।
धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर भी होंगे आयोजन –
अभियान के दौरान प्रमुख स्मारकों पर लेजर शो, तीर्थस्थलों पर महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। 25 सितंबर को पुस्तकालयों का लोकार्पण तथा ग्राम चौपालों के माध्यम से जनता से सीधा संवाद भी किया जाएगा। इसके साथ ही जनपदवार महत्वपूर्ण धार्मिक-सांस्कृतिक स्थल, अवस्थापना एवं कनेक्टिविटी परियोजनाएं, शिक्षा एवं कौशल, स्वास्थ्य एवं खेल, पंचायती राज एवं सुशासन तथा ODOP और स्थानीय उद्यमियों की सफलता की कहानियों का डेटा-बैंक तैयार किया जाएगा।
मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया प्रचार पर जोर –
जिलाधिकारी ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को अभियान की व्यापक मीडिया कवरेज, सफलता की कहानियों और रील्स के प्रचार-प्रसार, प्रिंट मीडिया समन्वय, उपलब्धियों पर लेख एवं साक्षात्कार, सोशल मीडिया कार्ययोजना तथा इन्फ्लुएंसर प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से अभियान को जनभागीदारी और सेवा भावना का व्यापक स्वरूप दें, ताकि सेवा, सुशासन और विकास का संदेश प्रत्येक नागरिक तक पहुंच सके।



