कालपी में बसपा का बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन, वीरपाल सिंह चौहान को विधानसभा प्रभारी की जिम्मेदारी
516 बूथों से पहुंचे कार्यकर्ता, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर; सम्मेलन में संभावित प्रत्याशी को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं ने जताई नाराजगी

कालपी। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के मद्देनजर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 220 कालपी विधानसभा क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। सोमवार को एमएसवी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में वीरपाल सिंह चौहान को कालपी विधानसभा क्षेत्र का विधानसभा प्रभारी घोषित किया गया। घोषणा के बाद सम्मेलन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और पार्टी के समर्थन में नारे लगाए।

कार्यक्रम में बुंदेलखंड क्षेत्र के मुख्य कोऑर्डिनेटर लालाराम अहिरवार ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने तथा आगामी चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। इसी दौरान उन्होंने 220 कालपी विधानसभा क्षेत्र के लिए वीरपाल सिंह चौहान को विधानसभा प्रभारी बनाए जाने की घोषणा की।
516 बूथों से पहुंचे कार्यकर्ता –
बसपा के इस विधानसभा स्तरीय सम्मेलन में कालपी विधानसभा क्षेत्र के 516 बूथों से कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की मौजूदगी रही। मुख्य, जोनल एवं मंडलीय कोऑर्डिनेटरों के अलावा प्रदेश, जिला और विधानसभा स्तर के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
सम्मेलन में बूथ कमेटियों की सक्रियता, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों, संगठन विस्तार और आगामी जनसंपर्क अभियानों को लेकर चर्चा की गई। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्र में पार्टी के झंडे, बैनर, पोस्टर एवं होर्डिंग लगाए गए थे।
संगठन को सक्रिय करने पर जोर –
विधानसभा प्रभारी बनाए जाने के बाद वीरपाल सिंह चौहान के सामने कालपी विधानसभा क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की जिम्मेदारी होगी। सम्मेलन में आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन की तैयारियों को तेज करने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य मंडल प्रभारी मानवेंद्र पटेल, मंडल प्रभारी धीरेंद्र चौधरी, शैलेंद्र शिरोमणि, बृजभूषण कुशवाहा, अनिरुद्ध चौधरी, जिलाध्यक्ष वृजेश जाटव, पूर्व कैबिनेट मंत्री चैनसुख भारती, पूर्व मंत्री जगदीश प्रजापति, रफीउद्दीन पन्नू, उदयवीर सिंह धोरे, नारायण हरि अवस्थी, भगवती शरण पांचाल, आनंद परिहार, सिद्ध गोपाल गौतम, राजेश गौतम, विनोद पाल तथा पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि जगजीवन अहिरवार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कुछ कार्यकर्ताओं ने जताई नाराजगी –
सम्मेलन के दौरान पार्टी के संभावित प्रत्याशी को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं की नाराजगी भी सामने आने की बात कही गई। कार्यकर्ताओं के एक वर्ग ने आरोप लगाया कि लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने वाले स्थानीय कैडर और पिछड़े वर्ग से जुड़े कार्यकर्ताओं की अपेक्षा नए चेहरों को प्राथमिकता दिए जाने से असंतोष है। इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने लंबे समय से गांव-गांव जाकर संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने में योगदान दिया है। उनका आरोप है कि चुनाव के समय सक्रिय कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिलता और नए चेहरों को आगे किया जाता है।

पिछड़ा वर्ग से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने भी संगठन में अपनी भूमिका और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि जमीनी स्तर पर लंबे समय से काम कर रहे कार्यकर्ताओं को भी नेतृत्व और चुनावी अवसरों में पर्याप्त भागीदारी मिलनी चाहिए।
हालांकि, सम्मेलन में पार्टी की ओर से संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनाव की तैयारियों पर ही मुख्य रूप से जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं के असंतोष से जुड़े आरोपों पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व या संबंधित पदाधिकारियों की कोई अलग आधिकारिक प्रतिक्रिया इस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।
कालपी में बढ़ीं राजनीतिक गतिविधियां –
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कालपी क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की चर्चा को पार्टी की आगामी चुनावी तैयारियों के एक हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। अब विधानसभा प्रभारी के रूप में वीरपाल सिंह चौहान की भूमिका संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने और बूथ स्तर की तैयारियों को गति देने में महत्वपूर्ण रहेगी।



