किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास, 48 हजार रुपये जुर्माना
विशेष पॉक्सो कोर्ट ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला, बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में हुई सुनवाई

उरई/जालौन। रामपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह की अदालत ने अभियुक्त अनुज निवासी पचोखरा पर 48 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
27 अप्रैल 2022 को दर्ज हुई थी शिकायत –
शासकीय अधिवक्ता बृजराज राजपूत और विश्वजीत गुर्जर के अनुसार, रामपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 27 अप्रैल 2022 को पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि उसकी पुत्री को पचोखरा निवासी अनुज बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया और उसके न्यायालय में बयान दर्ज कराए। अभियोजन के अनुसार, न्यायालय में दर्ज बयान के आधार पर मामले में दुष्कर्म सहित एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गईं।
16 जून 2022 को दाखिल हुआ था आरोप पत्र –
पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद 16 जून 2022 को आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद मामले का विचारण विशेष पॉक्सो न्यायालय में हुआ। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और संबंधित साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाई सजा –
बुधवार को सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें रखीं। न्यायालय ने गवाहों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अनुज को दोषी माना। इसके बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 48 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।



