कलेक्ट्रेट में डीएम समीर का औचक निरीक्षण, अभिलेखागार की बदहाली पर सख्ती
आरआरके को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश, अनुपस्थित कर्मचारी को नोटिस; पुरानी वसूली में तेजी और ई-ऑफिस व्यवस्था सुधारने के आदेश

उरई। जिलाधिकारी समीर ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के विभिन्न पटलों, अनुभागों और राजस्व अभिलेखागार का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के रख-रखाव, ई-ऑफिस, लंबित प्रकरणों, राजस्व वसूली, स्वच्छता और कार्यालय व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया गया। कई स्थानों पर कमियां मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सुधार के साथ समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

अभिलेखागार में गंदगी मिलने पर कार्रवाई –
राजस्व अभिलेखागार के कक्ष संख्या-4 में गंदगी, फर्श पर अभिलेख और चींटियां मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित आरआरके ऊषा निरंजन के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रभारी नजारत एवं अभिलेखागार प्रभारी को सफाई, कीट नियंत्रण और अभिलेखों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। अभिलेखों के निरीक्षण में मिली अन्य कमियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही एडीएम वित्त एवं राजस्व को पूर्व निरीक्षण के संबंध में प्रभारी अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने को कहा गया।

नकल व्यवस्था में पारदर्शिता के निर्देश –
नकल व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने निर्धारित आवेदन प्रारूप, डिजिटल फीडिंग और नकल उपलब्ध कराने की तिथि दर्ज करने के निर्देश दिए। नाजिर सदर को कंप्यूटर, इंटरनेट, प्रिंटर और आवेदकों के बैठने की समुचित व्यवस्था कराने को कहा गया।

पुरानी वसूली पर डीएम सख्त –
संग्रह अनुभाग की समीक्षा में वर्ष 2022 से लंबित 1.81 लाख रुपये तथा मैसर्स राम ट्रेडर्स की वर्ष 2015 से लंबित 83.71 लाख रुपये से अधिक की वसूली का मामला सामने आया। जिलाधिकारी ने एडीएम वित्त एवं राजस्व को प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने और संबंधित अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले की शीर्ष 10 बड़ी लंबित बकायेदारियों की विभागवार सूची भी उपलब्ध कराने को कहा।
बिना अवकाश अनुपस्थित कर्मचारी को नोटिस –
बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित मिले मुख्य राजस्व अंकिक बृजेश निरंजन को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। नजारत अनुभाग में वर्ष 2019 से लंबित धनराशि, संपत्ति पंजिका में लंबित प्रविष्टियों और करीब 35 ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के लिए भी जिलाधिकारी ने समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

ई-ऑफिस की दक्षता बढ़ाने पर जोर –
शिकायत पटल पर लंबित डाक का समयबद्ध निस्तारण करने तथा ई-ऑफिस में कमजोर दक्षता वाले कर्मचारियों को एनआईसी के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा ई-डिस्ट्रिक्ट/गौशाला कंट्रोल रूम को चरणबद्ध तरीके से सीसीटीवी कमांड सेंटर के रूप में विकसित करने को कहा गया। इसमें नगर क्षेत्र, तहसीलों, नगर निकायों, विकासखंडों और जिला अस्पताल के कैमरों को जोड़ने की योजना पर काम करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्ट्रेट की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश –
डीएम ने कलेक्ट्रेट में हेल्पलाइन और जनोपयोगी सूचनाओं के प्रदर्शन, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, पत्रावलियों की सूची व पहचान स्लिप तथा कर्मचारियों की नेम प्लेट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने आतिशबाजी लाइसेंसधारकों और शस्त्र व्यवसायियों के सत्यापन, जनसुनवाई की आख्या का गुण-दोष के आधार पर परीक्षण तथा कलेक्ट्रेट पार्क का 15 दिनों के भीतर रख-रखाव सुनिश्चित कराने को कहा। जिलाधिकारी ने सभी प्रभारी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निरीक्षण को केवल औपचारिकता न बनाया जाए और निर्धारित समयसीमा में प्रत्येक बिंदु की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की जाए।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, अपर जिलाधिकारी न्यायिक योगेंद्र सिंह, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।



