गांव की गलियों से एक और निकला कलाकार

उरई। अपनी सोच को पेंसिल और ब्रश के सहारे सफेद कागज पर उकेरना ही चित्रकारता कहलाती है। और यह खूबी कुछ ही लोगों को प्राप्त होती है। लेकिन जनपद जालौन की जमीन पर ऐसे कई होनहार कलाकार चित्रकार युवा मौजूद है जो अपनी रचनाओं से लोगों को आश्चर्यचकित कर अपनी सोच को पेंसिल और रंग से सफेद कागज पर उकेर देते हैं।
आज ऐसे ही जनपद जालौन का एक युवा कलाकार जोकि अपनी चित्रकारता से कई संदेशों को कोरे कागज पर उकेर चुका है। आज हम बात करते हैं अभिषेक कुशवाहा की जोकि जनपद जालौन के ग्राम अकोढ़ी पोस्ट आटा कालपी तहसील का रहने वाला है और वर्तमान में कला फाइन आर्ट की शिक्षा बीबीए (बैचलर ऑफ विजुअल आर्ट) डॉ शकुंतला मिश्रा अंतर राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ से कर रहा है। उन्होंने कोरोना के समय अपनी कलाकारी से कोरोना योद्धाओं को समर्पित जिसमें पुलिस, डॉक्टर, नर्स एवं मीडिया की मेहनत को दर्शाया है अभिषेक कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने कक्षा 12 की पढ़ाई बीएमटी इंटर कॉलेज एटा से विज्ञान वर्ग से की। लेकिन आर्ट में रुचि होने की वजह से वह अपना कला के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं और जिसकी वह शिक्षा ले रहे है। इसी कला से अपने जिले का नाम और नई पहचान बन बनाना चाहते हैं साथ ही कला के क्षेत्र में ही शिक्षक बनकर बच्चों को कला के महत्व को समझना चाहते है।



