“बच्चों के बीच पहुंचे डीएम, खुद बन गए शिक्षक”
प्राथमिक विद्यालय बघौरा में औचक निरीक्षण, बच्चों से संवाद कर पढ़ाई का लिया जायजा

उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय बुधवार को उरई नगर स्थित परिषदीय प्राथमिक विद्यालय बघौरा में औचक निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति का जायजा लेने के साथ बच्चों से सीधे संवाद किया। डीएम ने कुछ देर के लिए शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बच्चों को पढ़ाया और उनकी समझ को भी परखा।

निरीक्षण की शुरुआत उपस्थिति रजिस्टर की जांच से हुई। रजिस्टर में विद्यालय के प्रधानाचार्य के अवकाश पर होने की जानकारी मिली। जिलाधिकारी ने मौजूद शिक्षकों से विद्यालय की व्यवस्थाओं और बच्चों की पढ़ाई के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रधानाचार्य की अनुपस्थिति में भी पठन-पाठन प्रभावित नहीं होना चाहिए और बच्चों की शिक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बच्चों से पूछे सवाल, सुनी कविता –
इसके बाद जिलाधिकारी कक्षाओं में पहुंचे और छात्र-छात्राओं से उनकी पढ़ाई तथा विषयों के बारे में बातचीत की। उन्होंने बच्चों से सवाल पूछकर उनकी शैक्षणिक समझ का आकलन किया। बच्चों ने भी उत्साह के साथ जिलाधिकारी के सवालों के जवाब दिए। इसी दौरान डीएम ने बच्चों से कविता सुनाने को कहा। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ कविता प्रस्तुत की। बच्चों का उत्साह देखकर जिलाधिकारी भी उनके साथ कविता गाने लगे। डीएम को अपने बीच सहजता से कविता गाते देख बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह दिखाई दिया।

डीएम ने खुद पढ़ाया पाठ –
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों को स्वयं पढ़ाया और सरल तरीके से विषय समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बच्चों से प्रश्न पूछकर उनकी समझ परखी और उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की शिक्षा के साथ उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। विद्यालयों में ऐसा सकारात्मक वातावरण बनाया जाए, जहां बच्चे बिना झिझक अपनी बात रख सकें और सीखने के प्रति उनकी जिज्ञासा बनी रहे।

उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यालय में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह भी मौजूद रहे।



