शिक्षक दिवस पर सृष्टि चतुर्वेदी बनीं एक दिन की प्रधानाचार्या
इंटरमीडिएट के 60 विद्यार्थियों ने संभाली शिक्षकों की जिम्मेदारी, कक्षाओं में जाकर पढ़ाया

उरई। एस.आर. पब्लिक स्कूल, उरई में शनिवार को शिक्षक दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

विद्यालय के चेयरपर्सन रमाकांत द्विवेदी ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों का सम्मान करने तथा उनके मार्गदर्शन को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
‘विद्यार्थी शिक्षक के परिश्रम और जिम्मेदारी को समझें’ –
विद्यालय के प्रबंधक अशोक कुमार राठौर ने कहा कि शिक्षक दिवस का उद्देश्य केवल शिक्षकों को शुभकामनाएं देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को शिक्षक के दायित्व, चुनौतियों और कठिन परिश्रम का एहसास कराना भी है। इसी उद्देश्य से इंटरमीडिएट के करीब 60 विद्यार्थियों को एक दिन के लिए शिक्षकों की भूमिका निभाने तथा विद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था संभालने का अवसर दिया गया। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चे के प्रथम गुरु होते हैं, जबकि शिक्षक उसे ज्ञान, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य की दिशा प्रदान करते हैं। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने माता-पिता और शिक्षकों का सदैव सम्मान करना चाहिए।
सृष्टि बनीं प्रधानाचार्या, अभय ने संभाली उपप्रधानाचार्य की जिम्मेदारी –
कार्यक्रम के तहत इंटरमीडिएट की छात्रा सृष्टि चतुर्वेदी को एक दिन के लिए प्रधानाचार्या बनाया गया। वहीं अभय गुप्ता ने उपप्रधानाचार्य की भूमिका निभाई। विनायक, केशवेन्द्र, अवी कोष्ठा एवं सुप्रिया को कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि अन्य विद्यार्थियों ने शिक्षक की भूमिका निभाई।

विद्यार्थियों ने अपनी टीम के साथ विद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुशासन व्यवस्था संभाली और कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों को पढ़ाया। शुरुआती तीन पीरियड में उन्होंने उत्साह और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिकाओं का निर्वहन किया। इस दौरान उन्हें शिक्षक के कार्यों की वास्तविक चुनौतियों और परिश्रम को करीब से समझने का अवसर मिला। एक दिन की प्रधानाचार्या बनीं सृष्टि चतुर्वेदी ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाई।

विद्यालय की प्रधानाचार्या रश्मि शुक्ला ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के आदर्श आज भी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और निरंतर अध्ययन के माध्यम से अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने का आह्वान किया। शिक्षक दिवस पर कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी कक्षाओं को आकर्षक ढंग से सजाया और शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह और सम्मान का माहौल रहा। कार्यक्रम में वाइस प्रिंसिपल राघव गुप्ता, सभी कोऑर्डिनेटर्स एवं शिक्षकगण मौजूद रहे। विद्यालय की इस पहल से विद्यार्थियों को नेतृत्व, जिम्मेदारी, अनुशासन और टीमवर्क का व्यावहारिक अनुभव मिला।



