ग्रामीणों ने ग्राम सभा की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे को रोकने की शिकायत तहसीलदार से की
ग्राम पंचायत कीरतपुर के मौजा घसियारेपुर का जहां रात्रि के अंधेरे में चलाई जाती जे०सी०बी०

कालपी/जालौन। महेवा विकासखंड के ग्राम पंचायत कीरतपुर के मौजा घसियारेपुर की परती भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा रातो रात कब्जा करने की कुचेष्टा से जे०सी०बी० मशीन चलाकर प्लाटिंग करने की योजना बनाई जा रही है। जिसकी भनक पड़ते ही ग्राम शेखपुर बुल्दा के लगभग एक सैकड़ा महिलाओं व पुरुषों ने तहसील परिषद पहुंच कर उप जिलाधिकारी कालपी के संबोधित शिकायती पत्र देकर उक्त भू-माफियाओं द्वारा किये जा रहे कब्जे को तत्काल रोकने की मांग की है तथा ग्राम शेखपुर बुल्दा में यमुना नदी की बाढ़ से टापू बन जाता है। जिससे काफी परेशानियों का सामना ग्रामीणों को करना पड़ता है उक्त लोगों ने आवासीय पट्टा करने की मांग की है।
गौरतलब हो कि ग्राम पंचायत कीरतपुर के मौजा घसियारेपुर कालिया स्थान के सामने कागज फैक्ट्री के पास ग्राम सभा की भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा क्षेत्रीय लेखपाल जीतेन्द्र कुमार से साठ-गांठ करके रात्रि में जे०सी०बी० मशीन चलाकर प्लाटिंग युक्त भूमि बनाने की योजना बनाई जा रही है जिसकी जानकारी ग्राम वासियों को हुई वैसे ही ग्रामीणों ने जे०सी०बी० मशीन चलाने को मना किया तो वहां पर मौजूद लोग झगड़ा करने पर आमादा हो गये। फिर ग्रामीण जन एकत्रित होकर उपजिलाधिकारी संबोधित शिकायती पत्र लगभग एक सैकड़ा लोगों ने तहसीलदार को सौंपकर तत्काल कब्जा करने वालों को चिंहित कर कार्यवाही करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर प्रशासन ने अवैध कब्जा करने वालो पर कार्यवाही नहीं की तो ग्रामीण एक राय होकर न्याय संगत कार्यवाही कर अनशन व धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होगें।
उक्त शिकायती पत्र शासन व प्रशासन को रजिस्टर डाक द्वारा भेजे गये है। ग्राम प्रधान का कहना है कि स्थानीय प्रशासन गोल मोल जानकारी देकर मामले को शांत कराने के प्रयास में है। इतना ही नहीं ग्राम प्रधान पवनदीप निषाद का कहना है कि यह लड़ाई अंतिम कड़ी तक लड़ी जाएगी और ग्राम वासियों को यमुमा नदी की प्रलय कारी बाढ़ से बचाने हेतु ग्राम वासियों को सुरक्षित स्थान पर बसाकर ही दम लूंगा। शिकायत करने वालो मे रामबाबू, मन्नीलाल निषाद, छोटेलाल, कुलदीप निषाद, अजय सिंह, सूरज सिंह, नीतू पाल, गंगा प्रसाद, प्रेमनारायण, रामेश्वर प्रजापति, विजय कुमारी, भीषम, बीरेन्द्र, कैलाश, जमील, मोतीलाल, सुशीला, आसमा, कुरेसा, पुष्पा, सुनीता, हीरा देवी, विट्टनश्री, कुवंरलाल, दिनेश कुमार, हंसवती, ममता, ज्ञानेन्द्र, सत्यप्रकाश, राजवती, फूल सिंह, रमेश, भोला, कल्लू सहित एक सैकड़ा महिलायें व पुरुष मौजूद रहे।



