यमुना नदी में डूबे युवा व्यापारी सौरभ सोनी के घर पहुँची प्रभारी मंत्री एवं विधायक

कालपी (योगेश द्विवेदी) शनिवार को कालपी के आलमपुर निवासी राम सहोदर के परिवार में दुख का पहाड़ टूट पड़ा। युवा व्यापारी सौरभ के असमय जाने से घर वालों सहित पूरे नगर में दुःख का माहौल व्याप्त है। इसी क्रम में आज बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने आयीं प्रभारी मंत्री नीलिमा कटियार, कालपी विधायक नरेंद्र सिंह जादौन एवं एसडीएम कौशल किशोर सहित नगर अध्यक्ष अमित पांडे, विधायक प्रतिनिधि राघवेंद्र सिंह जादौन, सपा नेता राघव अग्निहोत्री, जगत यादव, अवधेश तिवारी, कन्हैया मिश्रा, हर्षित पुरवार आदि सौरभ सोनी के घर पहुंचकर परिवारजनों से मुलाक़ात की।
शनिवार को लाक डाउन के चलते बाजार बन्द था छोटे बेटे सौरव सोनी जिसकी मुख्य बाजार टरननगंज में सर्राफे की दुकान है। खाना खा पीकर आराम कर रहा था तभी उरई से कुछ दोस्त आए और यमुना की बाढ़ देखने के लिए साथ चलने को कहा। जिस पर सौरभ चलने लगा तो पिता राम सहोदर सोनी ने कहा बेटा तुम लोग दूर से देखना पानी के पास मत जाना बेटे ने हां में गर्दन हिलाई और अपने दोस्तों के साथ पहले किलाघाट गया। उसके बाद दोस्तों ने प्लान बनाया चलो व्यास मंदिर चले गए हैं और सभी पांचों दोस्तों के साथ सौरभ व्यास रोड पर कालिया स्थान के आगे साहू की चक्की के पास पहुंच गया। जहां से नाव लेकर व्यास मन्दिर जो कि यमुना में डूबा है के चक्कर लगाकर वापस आ रहे थे तभी सेल्फी लेने के चक्कर में नाव का संतुलन बिगड़ गया और नाव पलट गई। देखते ही देखते दो नाविक और 6 युवक सभी यमुना में डूबने लगे। तभी साथ चल रहे दो नाविकों ने दो युवकों को तो बचा लिया पर चार युवक ऐसे गुम हुए कि दिखे ही नहीं। उक्त दुर्घटना की खबर लगते ही शासन प्रशासन के आला अधिकारी एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और चार घंटे की भारी मशक्कत के बाद एक शव कांटे में फस गया बाहर निकाल कर उसकी शिनाख्त उरई के पाठकपुरा निवासी देवेश गुप्ता के रूप में हुई। ऑपरेशन चालू रहा और रात्रि में दूसरा शव मिला जो सौरभ सोनी आलमपुर कालपी का था। जिसके बाद भी सर्च ऑपरेशन चालू रहा। और तीसरे युवक का शव मिला जोकि सोनू पुत्र चुन्ना आयु 32 वर्ष निवासी बघौरा उरई का बताया जा रहा है। इस सर्च ऑपरेशन में पांच गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम निरंतर खोज रही है।



