राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बीएसए को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन, शिक्षक समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग

उरई (जालौन)। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जनपद जालौन के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) से मुलाकात कर शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किए जाने की मांग उठाते हुए कहा कि पूर्व में भी विभाग को समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई न होने से शिक्षकों में नाराजगी है।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला महामंत्री इलयास मंसूरी ने किया। संगठन पदाधिकारियों ने बताया कि 14 जुलाई 2026 को भी विभाग के समक्ष शिक्षक समस्याएं रखी गई थीं, लेकिन कई मामलों में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
👉 CCL के समयबद्ध निस्तारण की मांग –
महासंघ ने शिक्षिकाओं के बाल्य देखभाल अवकाश (CCL) के प्रकरणों को समय से निस्तारित करने की मांग प्रमुखता से रखी। संगठन का कहना है कि कई मामलों में अवकाश स्वीकृति में चार से पांच दिन तक का विलंब हो रहा है, जिससे संबंधित शिक्षिकाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
👉 GPF वेतन और सेवा संबंधी मामलों को उठाया –
ज्ञापन में गैर-जनपदों से स्थानांतरित तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों का GPF मंगाकर भुगतान किए जाने, लंबित वेतन की बहाली, प्रतिकूल प्रविष्टियों के निस्तारण तथा शासनादेश के अनुसार इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को वेतन दिए जाने की मांग की गई।
इसके अलावा मानव संपदा पोर्टल पर गलत विषय अंकित होने के कारण सरप्लस सूची में शामिल हो रहे शिक्षकों के नामों में तत्काल संशोधन किए जाने की मांग भी रखी गई। महासंघ ने 15,000 शिक्षक भर्ती बैच की प्रथम वेतनवृद्धि जनवरी 2017 से अनुमन्य किए जाने का भी आग्रह किया।
👉 एडेड विद्यालयों और स्कूलों की सुरक्षा का मुद्दा –
ज्ञापन में एडेड विद्यालयों के शिक्षकों के चयन वेतनमान से संबंधित आपत्ति पत्रों को संबंधित शिक्षकों तक पहुंचाने की मांग की गई। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त विद्यालयों की बाउंड्री वॉल के जीर्णोद्धार का मुद्दा भी उठाया गया।
संगठन ने विद्यालयों में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले यू-ट्यूबर्स पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि इससे शिक्षण कार्य प्रभावित होता है और विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके अलावा शिक्षामित्रों से विकल्प लेकर स्थानांतरण किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
👉 बीएसए ने दिया शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन –
प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखे गए सभी बिंदुओं को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने गंभीरता से सुना। संगठन के अनुसार बीएसए ने संबंधित समस्याओं का नियमानुसार परीक्षण कर शीघ्र और सकारात्मक निस्तारण का आश्वासन दिया।



