ऑनलाइन अटेंडेंस सहित शिक्षकों की कई ज्वलंत समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल बीएसए से मिला

उरई। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उ० प्र० जनपद इकाई जालौन (प्रा०सं०) का प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्र प्रकाश से मिला व शिक्षकों की निम्नांकित ज्वलंत समस्याओं से अवगत कराकर समस्याओं के यथाशीघ्र निराकरण की मांग की।
जिला महामंत्री इलयास मंसूरी ने ज्ञापन में अंकित निम्नांकित समस्याओं पर बिंदुवार प्रकाश डाला –
1. राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेशीय नेतृत्व द्वारा दिनांक 27.10.2025 को महानिदेशक, स्कूल शिक्षा को ज्ञापन देकर ये मांग की है कि ऑनलाइन उपस्थिति/डिजिटाइजेशन पर विचार हेतु पूर्व में गठित की गई विशेषज्ञ समिति का निर्णय आने तक मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार ऑनलाइन उपस्थिति/ डिजिटाइजेशन पर पूर्व की भांति रोक लगाई जाए। विशेषज्ञ समिति का निर्णय आने तक डिजिटाइजेशन/ ऑनलाइन उपस्थिति न देने पर शिक्षकों के विरुद्ध कोई नोटिस निर्गत करना या कार्यवाही किया जाना न्यायसंगत नहीं होगा। अतः संगठन आपसे मांग करता है कि इस तरह के नोटिस जारी करने पर तुरंत रोक लगाई जाए और खंड शिक्षा अधिकारी स्तर से जो नोटिस निर्गत किए गए हैं उन्हें निरस्त किया जाए।
2. निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) में बी.एल.ओ./सुपरवाइजर के रूप में लगे शिक्षकों को अन्य जनपदों की तरह पूर्ण दिवस निर्वाचन कार्य हेतु विद्यालय से मुक्त किया जाए।
3. चयन वेतनमान की ऑनलाइन प्रक्रिया के अनुसार ससमय चयन वेतनमान स्वीकृति हेतु निर्धारित समय सारिणी का अनुपालन कराने हेतु समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया जाए। ऐसे शिक्षक जिनकी ई-सर्विसबुक में इनिशियल कैडर अपडेट न होने से चयन वेतनमान हेतु पात्र सूची में नाम प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं उनका इनिशियल कैडर अपडेट कराया जाए।
4. मानव सम्पदा पोर्टल पर एरियर माड्यूल पर प्राप्त अवशेष देयकों के निस्तारण हेतु मानक संचालन प्रक्रिया संबंधी वित्त नियंत्रक, बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश के आदेश पत्रांक बे०शि०प०/सं०/12377-12528/एस० ओ०पी०/2023-24 दिनांक 10 फ़रवरी 2024 (आदेश प्रति संलग्न है) में अवशेष देयकों के प्रकार के अनुसार आवश्यक डॉक्यूमेंट एवं समय सीमा निर्धारित की गयी है। परन्तु बीआरसी तथा वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय स्तर पर निर्धारित आवश्यक डाक्यूमेंट्स/संलग्नकों के अतरिक्त अनावश्यक रूप से संलग्नक मांगकर एरियर आवेदन रिजेक्ट किये जा रहे हैं तथा समय सीमा का भी पालन नहीं किया जा रहा है। अतः संगठन आपसे माँग करता है कि एरियर भुगतान में पारदर्शिता व समयबद्धता हेतु उपरोक्त आदेश का अनुपालन कराया जाए।
5. मानव संपदा पोर्टल पर ई-सर्विस बुक में संशोधन/अवकाश संशोधन हेतु शिक्षकों द्वारा आवेदन किया जा रहे हैं तथा ब्लॉक स्तर से उन आवेदनों को आपके कार्यालय में फॉरवर्ड किया जा रहा है परंतु आपके कार्यालय द्वारा आवेदन के साथ खंड शिक्षा अधिकारी का प्रमाण पत्र संलग्न न होने की आपत्ति के साथ आवेदन निस्तारित किए जा रहे हैं, जिससे शिक्षकों को बार-बार संशोधन हेतु आवेदन करना पड़ रहा है और कार्यालय में पेंडेंसी बढ़ रही है। अतः संगठन आपसे मांग करता है कि इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों व लिपिकों को पत्र जारी कर समस्या का निराकरण करने का कष्ट करें।
6. मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षक/शिक्षिकाओं की वैवाहिक स्थिति को अपडेट करने के लिए ब्लॉक स्तर पर विवाह प्रमाण पत्र संलग्न करने को बाध्य किया जा रहा है जबकि फैमिली आईडी से भी वैवाहिक स्थिति प्रमाणित हो रही है। अतः संगठन आपसे मांग करता है कि वैवाहिक स्थिति को अपडेट करने के लिए फैमिली आईडी को मान्य किया जाए। इस संबंध में समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों को पत्र निर्गत किया जाए।
7. मानव संपदा पोर्टल पर कभी-कभी सुबह के समय अत्यंत लोड होने के कारण वेबसाइट न खुलने से विद्यालय समय से पूर्व आकस्मिक अवकाश हेतु आवेदन नहीं हो पता है। विद्यालय समय प्रारंभ के होने पर आकस्मिक हेतु आवेदन किया जाना संभव नहीं है। अतः ऐसी स्थिति में या तो ऑफलाइन अवकाश की व्यवस्था की जाए या निरीक्षण में विद्यालय स्टाफ द्वारा उक्त स्थिति से अवगत कराने पर संबंधित शिक्षक/शिक्षिका को ऑनलाइन अनुपस्थित न किया जाए।
8. भवन ध्वस्तीकरण के बाद विद्यालय की चाहरदीवारी न होने के कारण विद्यालय प्रांगण में आवारा पशुओं का विचरण होने से गंदगी फैलती है जिससे संक्रमण की आशंका बनी रहती है। अतः ऐसे विद्यालयों का चिन्हीकरण कर बाउंड्रीवाल का अतिशीघ्र निर्माण कराया जाए।
9. शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में सेवा सत्यापन करना ब्लॉक लिपिक/खंड शिक्षा अधिकारी का कार्य है। परंतु शिक्षकों का स्थानांतरण अन्य ब्लॉक में होने पर ब्लॉक लिपिकों द्वारा शिक्षकों पर ही पूर्व ब्लाक से सेवा सत्यापन कराकर लाने का दबाव बनाया जा रहा है जो नियम विरुद्ध है। अत: नियमित सेवा सत्यापन हेतु ब्लॉक लिपिकों/खंड शिक्षा अधिकारियों को जिम्मेदार मानते हुए पत्र निर्गत करने का कष्ट करें, जिससे शिक्षकों को परेशान न किया जा सके। कृत कार्यवाही से संगठन को भी प्रतिलिपि निर्गत कर अवगत कराने का कष्ट करें।
10. शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाओं के रखरखाव व संरक्षित करने का कार्य ब्लॉक लिपिक का होता है। परंतु लिपिकों की लापरवाही से कई ब्लॉकों में कुछ शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं गायब हैं। ब्लॉक लिपिकों द्वारा सेवा पुस्तिका गायब होने पर उल्टा शिक्षकों पर ही दबाव बनाकर अपनी सेवा पुस्तिका ढूंढ कर लाने को कहा जा रहा है। अतः संगठन आपसे मांग करता है कि जिन शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं गायब है उन्हें ब्लॉक लिपिकों से ढुंढ़वाया जाए यदि फिर भी सेवा पुस्तिका न मिले तो उनकी नई सेवा पुस्तिकाएं बनवाई जाएं जिससे चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान, पदोन्नति, स्थानांतरण और सेवानिवृत्ति में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेशीय मीडिया प्रमुख बृजेश श्रीवास्तव, जिला संयुक्त महामंत्री अरविंद स्वर्णकार, जिला उपाध्यक्ष मु० अय्यूब कुरैशी, जिला संयुक्त मंत्री इनाम उल्ला अंसारी, ब्लॉक संरक्षक कदौरा छुन्ना प्रसाद, ब्लॉक अध्यक्ष डकोर शारिक अंसारी, ब्लॉक अध्यक्ष महेवा उमेश कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष जालौन अखिलेश रजक, ब्लॉक महामंत्री डकोर अरविंद निरंजन, ब्लॉक कार्यकारी अध्यक्ष नदीगांव दशरथ सिंह पाल, ब्लॉक संगठन मंत्री जालौन प्रदीप कुमार सिंह, ब्लॉक संगठन मंत्री कदौरा पवन सोनी, ब्लॉक संगठन मंत्री महेवा कप्तान सिंह, ब्लॉक कोषाध्यक्ष डकोर राजेंद्र कुमार सोनी, ब्लॉक महिला उपाध्यक्ष डकोर भागवती, ब्लॉक वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेवा सौरभ सोनी, ब्लॉक उपाध्यक्ष महेवा शैलेन्द्र सिंह चौहान, ब्लॉक मंत्री महेवा प्रेमबाबू, ब्लॉक ऑडिटर महेवा प्रदीप प्रजापति, ब्लॉक डकोर महिला संयुक्त मंत्री दीपिका चौहान, राममनोहर गुप्ता, नेहा खातून आदि शिक्षक व शिक्षिकाएं मौजूद रहे।



