आज के इस मंहगी पढ़ाई के बोझ के बीच इस महाविद्यालय की फीस मात्र 1 रुपए

उरई। जहां एक तरफ स्कूल व कॉलेज लोगों के लिए सिर्फ व्यवसाय बनकर रह गए हैं वहीं दूसरी ओर आटा के अरविंद माधुरी महाविद्यालय ने इस कोरोना काल के बाद छात्रों के बीच शिक्षा की मिशाल जलाने का प्रयास कर रहा है। कोरोना का असर रोजगार के साथ शिक्षा पर भी देखने को मिला है 3 महीनें से ज्यादा बीत चुके हैं और देश के सारे स्कूल व कॉलेज आज भी बंद हैं। प्राथमिक शिक्षा, जूनियर हो या स्नातक हर वर्ग के छात्र को अपने भविष्य की चिंता सता रही हैं। ऐसे में महाविद्यालय प्रबंधन के द्वारा उठाए गए कदम की सराहना की जा रही हैं।
बता दें कि कोरोना काल मे लोगों को काफी नुकसान हुआ है। कोरोना के कहर से लोगों को आर्थिक नुकसान से साथ अपने रोजगार से भी हाथ धोना पड़ गया हैं। छात्रों का भविष्य उज्ज्वल करने वाली केवल शिक्षा ही महत्वपूर्ण कड़ी हैं लेकिन स्कूल व कालेज बंद होने से फिलहाल छात्रों को शिक्षा नसीब नहीं हो पा रही हैं। ऑनलाइन क्लास के खर्च को गरीब तबके का छात्र वहन नहीं कर पाता। प्राइवेट महाविद्यालय की इस सकारात्मक पहल की शुरूआत से छात्रों के साथ उनके परिजनों में हर्षोल्लास माहौल है और महाविद्यालय की इस पहल व प्रयास की चारो तरफ प्रसंशा हो रहीं हैं। जहां एक ओर छात्रों को मोटी फीस जमा करने के बाद डिग्री मिलती हैं वहीं इस प्राइवेट महाविद्यालय में शुल्क के रूप में 1 रुपए अदा कर स्नातक की डिग्री हासिल कर सकते हैं। कॉलेज प्रबंधन का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि शहरी छात्रों के साथ जो ग्रामीण इलाकों के छात्र मंहगी पढ़ाई का खर्च उठा पाने में सक्षम नहीं है वह शुल्क के रूप में 1 रुपए जमा करके अपने सुनहरे भविष्य की कल्पना कर सकते हैं। वहीं अरविंद माधुरी तिवारी महाविद्यालय की प्रबंधिका नम्रता तिवारी ने बताया कि हमारे जीवन का मुख्य उद्देश्य है कि दूसरों के लिए जियो, कोविड के चलते बहुत लोगों के रोजगार छिन गए और आर्थिक हालात पैदा हो गए इसी बात को ध्यान में रखते हुये प्रबंध समिति की ओर से छात्रों के लिए कॉलेज की फीस मात्र 1 रुपये रखी गई हैं ताकि शहरी क्षेत्र के छात्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों के छात्र शिक्षा से वंचित न हो। जहां तक छात्रों को इस महाविद्यालय के बारे में पता चल रहा हैं तो रोजाना छात्र यहां आते हैं और प्रवेश प्रक्रिया को भी समझते हैं। शासन के आदेश के बाद विधिवत तरीके से क्लास शुरू कर दी जाएंगी। कॉलेज के प्राचार्य अरविंद द्विवेदी ने बताया कि महाविद्यालय की फीस मात्र 1 रुपए रखी गई हैं। इसका उद्देश्य यह है कि यहां पर रहने वाला वर्ग गरीब तबके से है और यहां के छात्रों में बहुमूल्य प्रतिभाएं है इसीलिए यह कदम उठाया गया है ताकि छात्रों को 1 रुपए में बेहतर शिक्षा का भरोसा मिल सकें। कॉलेज में प्रयोगात्मक लैब से लेकर लाइब्रेरी मौजूद हैं। यहां पर रोजाना छात्रों को उच्च स्तरीय शिक्षकों के द्वारा अध्ययन कराने का कार्य किया जाएगा।



