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स्वरोजगार हेतु आर्थिक, विधिक व व्यवसायिक सहायता देगा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय : डॉ. मोहम्मद नईम

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा स्वरोजगार हेतु किया गया युवाओं को जागरूक

कोंच/जालौनभारत सरकार के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा पर्यटन सलाहकार, बागवानी व खाद्य प्रसंस्करण पर आधारित एक दिवसीय उद्यमिता एवं कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन सेठ बद्रीप्रसाद स्मृति महाविद्यालय, सूरज ज्ञान महाविद्यालय व मथुराप्रसाद महाविद्यालय कोंच में किया गया।

मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कार्यक्रम सह समन्वयक डॉ. मोहम्मद नईम ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं अपितु रोजगार देने वाला बनना चाहिए। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु क्षेत्रीय सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री भानुप्रताप सिंह वर्मा की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से विश्वविद्यालय द्वारा इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की गई है जहां विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं की उद्यमिता को गति प्रदान करने के साथ साथ उन्हें आर्थिक, विधिक व व्यवसायिक सहायता प्रदान की जाती है। पर्यटन एवं होटल प्रबंधन क्षेत्र में उद्यमियों हेतु अवसरों पर बात करते हुए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पर्यटन एवं होटल प्रबंधन संस्थान के डॉ. सत्येंद्र चौधरी ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण पर्यटन उद्योग में आई मंदी के बाद यह क्षेत्र अब काफी तेजी से विस्तार ले रहा है। साथ ही सरकार द्वारा पर्यटन विस्तार की दृष्टि से प्रायोजित बुंदेलखंड परिपथ के विकास से इस क्षेत्र में नव प्रशिक्षित पर्यटन सलाहकारों की भारी मांग है। ऐसे में यह कार्यक्रम बुंदेलखंड क्षेत्र के युवाओं हेतु रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा।

उन्होंने प्राचीन भारत की गांव आधारित अर्थव्यवस्था को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिक बताते हुए कहा कि कैसे प्राचीन काल मे लघु एवं कुटीर उद्योग समाज को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करते थे। कृषि विशेषज्ञ डॉ. जयनारायण तिवारी ने बताया कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उद्यमिता को आर्थिक प्रोत्साहन दे रहा है, इसके अतिरिक्त उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण व मशरूम कल्टीवेशन के गुरों से छात्र-छात्राओं को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को उद्यमिता एवं कौशल विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलता है। इस अवसर पर डॉ. मृदुल दांतरे, डॉ. सरताज खान, कन्हैया नीखरा, डॉ. ब्रजेंद्र सिंह, मनोज श्रीवास्तव, डॉ. अल्पना सिंह, डॉ. आशुतोष मिश्रा, रोहित राठौर आदि उपस्थित रहे।

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