कोंच में विद्युत संविदा कर्मियों ने दिया सामूहिक इस्तीफ़ा, अधिकारियों द्वारा अभद्र व्यवहार का लगाया आरोप

कोंच (पीडी रिछरिया) उस समय कस्बे में हाहाकार मच गया जब रविवार को बिजली के छोटे छोटे फॉल्ट और टूटे तारों को रिपेयर नहीं किया गया। बताया गया कि बिजली विभाग के संविदा कर्मियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देकर काम करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। धनुताल पर जुटे इन संविदा कर्मियों ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता पर उनके साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया, कहा कि ऐसी स्थिति में वह काम नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि सभी ने अपना सामूहिक इस्तीफा एसडीओ को भेज दिया है। हालांकि दोपहर बाद जब एसडीओ, अवर अभियंता और कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने मौके पर जाकर उनसे सकारात्मक वार्ता की तो वे काम पर वापस आने को मान गए लेकिन बाद में अपना इरादा बदल दिया और फिर अपने पांव खींच लिए।

एक तो बैसे ही कस्बे के लोग नहर पावर हाउस पर रखे 8 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर फुंकने से परेशान हैं, ऊपर से विभाग के आला अधिकारियों की तीखी भाषाशैली से क्षुब्ध बिजली संविदा कर्मियों के सामूहिक इस्तीफे के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह गड़बड़ा गई और कस्बे में हाहाकार मच गया। छोटे छोटे फॉल्ट और टूटे तारों की रिपेयरिंग नहीं हो पाने के चलते नागरिक भीषण गर्मी में पसीने पसीने हो गए। धनुताल पर जुटे इन संविदा कर्मियों ने बताया कि एक तो उनसे चौबीसों घंटे काम लिया जा रहा है और दूसरी तरफ विभाग के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता ने उनसे अभद्र व्यवहार किया जिससे उन्होंने सामूहिक रूप से इस्तीफा एसडीओ को दे दिया है। उन्होंने अपनी कुछ और समस्याएं भी बताईं। इधर, संविदा कर्मियों के काम पर न आने से गड़बड़ाई बिजली व्यवस्था से परेशान एसडीओ अनिरुद्ध कुमार मौर्या व जेई गौरव कुमार इन कर्मचारियों के बीच पहुंचे। सूचना मिलते ही कोतवाल बलिराज शाही भी मौके पर पहुंच गए थे। इन सभी अधिकारियों ने उन कर्मचारियों से सकारात्मक वार्ता की और उनकी न्यायोचित मांगों का समाधान करने का जब भरोसा दिया तो कर्मचारी पहले तो मान गए लेकिन बाद में काम पर लौटने का अपना इरादा बदल दिया। फिलहाल, समाचार लिखे जाने तक गतिरोध बना हुआ था। इस दौरान अखिलेश कुमार, धीरज, सूरज, सनी, हरीशंकर, जितेंद्र कुमार, विक्रम, राहुल, उमेश, संदीप झा, राजकुमार, रामकेश, बाला प्रसाद, कन्हैयालाल, अवधेश कुमार, हरीसिंह, राम प्रसाद, अरविंद सविता, छोटेलाल, बलवीर, तिलक सिंह, भगवान दास, मैथिली शरण सहित आधा सैकड़ा संविदा कर्मी मौजूद रहे।



