जनकपुर मंदिर में हुई हत्या को लेकर चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज

कोंच। मंगलवार को कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अटा टोपोर के बीच जनकपुरी मंदिर के बेसमेेंट में मिली युवक की पत्थरों के कूंची गई लाश बरामद हुई थी जिसकी शिनाख्त में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। देर शाम मृतक रणजीत के भाई इंद्रजीत निवासी ग्राम सुलखना थाना रेंढर ने उसकी शिनाख्त करने के साथ ही चार लोगों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। इंद्रजीत ने आरोप लगाया है कि 29 मार्च की शाम लगभग छह बजे उक्त चारों लोग उसके भाई को घर से बुला कर ले गए थे लेकिन फिर उसका भाई घर लौट कर नहीं आया। उसका शव मिलने की सूचना ही घर आई। इधर, बुधवार को मृतक का शव पोस्टमार्टम के बाद जैसेे ही गांव पहुंचा, घर में कोहराम मच गया। पुलिस की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इंद्रजीत पुत्र करनसिंह जाटव निवासी ग्राम सुलखना थाना रेंढर ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि 29 मार्च की शाम तकरीबन छह बजे ब्रजेन्द्र सिंह व राजीव ने उसके भाई रणजीत को घर से बुलाया और बाइक से अपनेे घर ले गए। इसके बाद श्यामू और बड़े मुन्ना भी बाइक से वहां पहुंच गए। इंद्रजीत ने उनसेे पूछा कि उसके भाई को कहां ले जा रहे हो तो श्यामू बोला कि अभी लौट कर आ रहे हैं। इसके बाद 30 मार्च को जब रणजीत घर बापिस नहीं लौटा तो परिवार के लोगों ने रिश्तेदारियों में उसकी तलाश शुरू की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। दोपहर लगभग दो बजेे जानकारी मिली कि टोपोर के मंदिर में किसी अज्ञात युवक का शव मिला है। जब वहां जाकर देखा तो मृतक उसका भाई रणजीत ही था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं के अलावा एससी/ एसटी एक्ट मेें एफआईआर दर्ज कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें देनी शुरू कर दी हैं। कोतवाल बलिराज शाही ने बताया कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के कारणों का पता चल सकेगा। इस मामले मेें कई विंदुओं पर पड़ताल की जा रही है। उधर, बुधवार को दोपहर बाद मृतक रणजीत का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंच गया था जहां पुलिस की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।



