मलेरिया रोधी माह ! सघन दस्त पखवाड़ा और एनसीडी स्क्रीनिंग अभियान में मदद करे जन समुदाय

उरई/जालौन। इस माह स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन प्रमुख अभियान शुरू किए गए हैं। इन अभियानों के माध्यम से लोगों को जहां स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा, वहीँ बीमारियों से बचाव के बारे में भी अवगत कराया जाएगा। इसके लिए टीमें बना दी गई हैं और अभियान शुरू कर दिया गया है। उन्होंने लोगों से अभियान में लगी टीमों के सहयोग की बात कही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एनडी शर्मा ने बताया कि एक जून से 30 जून तक मलेरिया रोधी माह मनाया जा रहा है। मलेरिया रोग के प्रति जागरुकता, मच्छरों को पनपने से रोकने तथा मलेरिया से बचाव के लिए जनसमुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मलेरिया रोधी माह का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत लोगों को मच्छर (वेक्टर) के प्रजनन स्थलों- जलपात्रों, कूलर, पानी के टैंक, गमले, पशुपक्षियों की पीने के पात्र, निष्प्रयोज्य सामग्री तथा प्लास्टिक कप, बोतल एवं अन्य निष्प्रयोज्य सामग्री के निस्तारण के बारे में बताया जाएगा। यही नहीं “हर रविवार, मच्छर पर वार” का कार्यक्रम प्रभावी तरीके से चलाया जाएगा। मलेरिया रोग के त्वरित निदान एवं प्रभावी उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। अभियान चलाकर आशा, एएनएम द्वारा जॉच का दायरा बढ़ाया जाएगा। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के माध्यम से मलेरिया रोग से बचाव, उपचार, समय से रोगी को संदर्भित करने के बारे में मलेरिया रोधी माह में विशेष बल दिया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एनडी शर्मा ने बताया कि इसी तरह में सघन दस्त नियंत्रण पखवाडा भी एक जून से शुरू हो गया है, जो 15 जून तक चलेगा। उन्होंने बताया कि शून्य से पांच वर्ष तकके बच्चों में दस्त लगभग 10 प्रतिशत बच्चों की मृत्यु का कारण होती है। जनपद में शून्य से पांच साल तक के 219317 बच्चों को चिन्हित किया गया है। पखवाड़े के दौरान आशा अपने क्षेत्र में भ्रमण करके पांचवर्ष तक के बच्चों वाले घरों में ओआरएस का पैकेट वितरण करेंगी और साफ सफाई, स्वच्छ पेयजल एवं भोजन के उपयोग के बारे में जानकारी देंगी। ओआरएस का घोल बनाने और प्रयोग के बारे में भीजानकारी देंगी। ओआरएस तथा जिंक के प्रयोग से बच्चों में दस्त से होने वाली जटिलताओं तथा मृत्यु को रोका जा सकता है। उन्होने बताया कि यदि बच्चे को लगातार उल्टी आ रही हो, पानी न पी पा रहा हो, बुखार हो, मल में खून आ रहा है तो तत्काल चिकित्सक के पास जाकर इलाज कराएं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इसी तरह गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग के लिए भी पहली जून से अभियान शुरू हो गया है, जो 30 जून तक चलेगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग की टीमें लक्षित घरों में जाकर तीस साल की आयु पूरी करने वाली कुल आबादी 37 प्रतिशत लोगों की स्क्रीनिंग करेगी। जो करीब पांच लाख है। इसमें कैंसर, हाइपरटेंशन और डायबिटीज जैसे रोगियों की जांच कर उनकी स्क्रीनिंग कर डाटा पोर्टल पर भरा जाएगा। इसी तरह छूटे हुए लोग टीकाकरण भी करा लें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि जो भी अभियान चलाए जा रहे हैं, उनमें जन समुदाय की भागीदारी जरूरी है। जो भी टीमें अभियान में लगाई गई है, उन्हें सही जानकारी दें और उनका सहयोग करें, जिससे अभियान सफल हो सके।



