उत्तर प्रदेशजालौनबड़ी खबर
अंतिम नगर भ्रमण में जुगल विहार में हुआ भगवान का स्वागत


परंपरानुसार शरद पूर्णिमा की मध्य रात्रि कोंच रामलीला की अंतिम प्रस्तुति श्रीराम राज्याभिषेक किया जाता है और पड़वा की सुबह मूर्तियों के श्रृंगार का विसर्जन कराने के बाद उनकी विदाई कर दी जाती है, लेकिन राज्याभिषेक से पूर्व हवन यज्ञ की भी परंपरा चली आ रही है जिसके तहत शुक्रवार को दोपहर में रामलीला भवन पर प्रभु राम और माता सीता ने यज्ञ अनुष्ठान संपादित किए। विद्वान ब्राह्मणों ज्वालाप्रसाद दीक्षित के प्रधान आचार्यत्व में संजय रावत, लल्लूराम मिश्रा आदि ने विधि विधान से यज्ञ और हवन कराया। तत्पश्चात् नगर के सभी मंदिरों के प्रतिनिधियों और ब्राह्मïणों को भोजन कराया गया और दक्षिणा देकर उनकी विदाई की गई।