घरेलू कामकाजी महिला से रमा को एमएलसी बनाने में पति आरपी की अहम् भूमिका

कोंच (पीडी रिछारिया) निकाय क्षेत्र से हुए विधान परिषद चुनाव में झांसी-जालौन-ललितपुर से रमा आरपी निरंजन ने दोबारा जीत कर इतिहास रच दिया है। पहली बार वह सपा प्रत्याशी के तौर पर जीतीं थीं जबकि दूसरी जीत भाजपा प्रत्याशी के रूप में दर्ज कराई है। उनके इस सियासी सफर की सफलता में उनके पति आरपी निरंजन की बड़ी भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। आरपी के बेजोड़ चुनावी प्रबंधन का ही कमाल है कि एक निहायत ही सीधी सादी घरेलू कामकाजी महिला सत्ता के गलियारे तक का सफर सफलता के साथ तय कर पाई।
रमा निरंजन कोंच तहसील क्षेत्रांतर्गत आने वाले नदीगांव ब्लॉक के ग्राम रवा की रहने वाली एक साधारण सी घरेलू महिला हैं जबकि उनके पति आरपी निरंजन पॉलीटेक्निक संस्थान झांसी के प्रवक्ता पद से रिटायर हुए शिक्षक। हालांकि यह परिवार किसी राजनैतिक पृष्ठ भूमि से जुड़ा नहीं है और वर्ष 2016 तक इनका कोई खास सियासी सफर नहीं दिखाई देता है, लेकिन सपा की अखिलेश सरकार के दौरान किसी तरह तिकड़म भिड़ा कर आरपी ने रमा के लिए निकाय क्षेत्र से विधान परिषद का न केवल टिकिट जुटा लिया बल्कि भारी मतों के अंतर से जीत भी दर्ज कराई। सूबे में सत्ता परिवर्तन हुआ और योगी सरकार आई जिसमें करीब साढे चार साल रमा सपा के प्रति ईमानदार रहीं लेकिन विधान सभा चुनाव के संभावित नतीजों और योगी की सत्ता में वापिसी की संभावनाएं भांपकर आरपी ने पलटी मारी और नबंवर में उन्होंने भाजपा में दाखिला लेकर अपनी सियासी दूरदर्शिता का लोहा भी राजनैतिक पंडितों से मनवा लिया। ये आरपी की तिकड़मी बुद्धि का ही कमाल है कि उन्होंने रमा के लिए एमएलसी चुनाव में भाजपा से टिकिट का जुगाड़ भी कर लिया और उम्दा चुनाव प्रबंधन की बदौलत चुनाव जीत भी लिया।



