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पुलिसिंग की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण होगी सुनायां में पुलिस चौकी की पुनर्स्थापना

कोंच (पीडी रिछारिया)सर्किल के थाना कैलिया क्षेत्र के ग्राम सुनायां में अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही पुलिस की खत्म हो चुकी चौकी का मामला एक बार फिर उस समय सुर्खियों में सामने आया है जब ग्रामीणों और आसपास के गांवों के चौकीदारों ने यह मामला यह शिकायत करते हुए उठाया कि पुलिस चौकी की जमीन को दबंग बलात कब्जियाने की फिराक में हैं। हालांकि उक्त शिकायत प्रशासन की जांच पड़ताल में बेदम जरूर साबित हो गई, लेकिन ये बात तय है कि यदि इस बंद हो चुकी चौकी को पुनः बहाल किया जाए तो पुलिसिंग के लिहाज से काफी मुफीद साबित हो सकती है।

गौरतलब है कि थानों के बेतरतीब परिसीमन की वजह से कभी कभी कानून व्यवस्था की स्थिति काफी प्रभावित होती है। कोंच सर्किल के अंतर्गत आने वाले कैलिया थाने के बारे में भी यह बात बिल्कुल फिट बैठती है। कोंच तहसील मुख्यालय से लगते आधा दर्जन से भी ज्यादा गांव ऐसे हैं जिनकी दूरी काफी ज्यादा है जिसके चलते किसी विषम परिस्थिति में ग्रामीणों को पहले कोंच आना पड़ता है फिर यहां से अट्ठारह किमी दूर कैलिया जाना पड़ता है। यही स्थिति पुलिस के लिए भी है। ऐसे में सुनायां, नरी, पहाड़गांव, भेंपता, कमतरी आदि के ग्रामीण अगर इलाके में पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग उठा रहे हैं तो इसमें गलत कुछ भी नहीं है। यहां यह बताना समीचीन होगा कि कोंच तहसील मुख्यालय से पांच छह किमी दूर स्थित गांव सुनायां में कैलिया थाने की एक चौकी अंग्रेजी शासनकाल में स्थापित हुई थी जो कालांतर में कतिपय कारणों के चलते बंद हो गई। अब उस जगह खड़े खंडहरनुमा अवशेष बताते हैं कि किसी जमाने में यह इमारत और इसका मकसद कितना बुलंद रहा होगा।

सुनायां के दर्जनों ग्रामीणों और आसपास के गांवों के चौकीदारों ने शनिवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर एसडीएम रामकुमार को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि ग्राम सुनायां में ब्रिटिश काल के समय आसपास के नरी, किशुनपुरा, सेता, मंगरा, पहाड़गांव, कमतरी आदि गांवों में शांति सुरक्षा हेतु पुलिस चौकी स्थापित की गई थी जो सालों से बंद है और गांव के कुछ दबंग चौकी की जमीन को कब्जियाने की फिराक में हैं। ग्रामीणों ने चौकी का समुचित निर्माण कराकर शांति और सुरक्षा के दृष्टिगत पुनः चौकी का स्थापित कराए जाने की मांग एसडीएम से की थी। एसडीएम रामकुमार ने उक्त शिकायत को लेकर राजस्व टीम से रिपोर्ट मंगाने के बाद बताया कि चौकी की जमीन पर कब्जे की शिकायत गलत है। बहरहाल, इस मांग को दृष्टिगत रखते हुए अगर चौकी की पुनर्स्थापना होती है तो पुलिसिंग के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण योगदान पुलिस को मिल सकता है।

स्थिति का अवलोकन करने के बाद इस दिशा में जरूर पहल होगी : सीओ
सुनायां में चौकी की पुनर्स्थापना की ग्रामीणों की ओर से की जा रही मांग के संदर्भ में जब सीओ शाहिदा नसरीन से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह स्वयं जाकर स्थिति का अवलोकन करेंगी और कानून व्यवस्था व पुलिसिंग के लिहाज से अगर यहां चौकी की स्थापना का लाभ पुलिस के साथ साथ ग्रमीणों को भी मिल सकता है तो वह इस दिशा में सार्थक पहल जरूर करेंगी।

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